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(*5*) सोने के स्टूल के लिए जंग, हजारों मरे… अशांति किंगडम, जो फिलहाल मॉडर्न घाना का हिस्सा है, कभी ब्रिटिश सम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था. 1896 में जब वहां के राजा प्रेमपेह (King Prempeh) ने अंग्रेजों के अधिन काम करने से इनकार कर दिया तो ब्रिटिश ने बलपूर्वक उनके सम्राज्य को अपने संरक्षण में ले लिया. हालांकि, अशांति सम्राज्य के लोग आसानी से हार नहीं मानने वाले थे और लगातार अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते रहे. उस दौरान अशांति सम्राज्य में एक गोल्डेन स्टूल हुआ करता था, जिसे सत्ता का प्रतीक माना गया. ऐसा माना गया कि अशांतियों के पहले राजा के चरणों में यह स्टूल आसमान से गिरा, जिसे अशांति राष्ट्र की आत्मा कहा गया. इस पर बैठने का अधिकार किसी को नहीं था. लेकिन सन् 1900 में गोल्ड कोस्ट के ब्रिटिश गवर्नर सर फ्रेडरिक हॉगसन (Frederick Hodgson) ने इस पर बैठने का फैसला किया. इसके बाद अशांति लोगों और ब्रिटश सेना में जंग शुरू हो गई, जिसमें 2000 अशांति लोग और 1000 ब्रिटिश सेना के लोग मारे गए. यह युद्ध 6 महीने तक चला था. ऐसे में क्वीन मदर और गेट कीपर या असांतेवा ने कुर्सी को अपने कब्जे में लेकर छुपा दिया. इसके बाद इस स्टूल का कुछ पता नहीं चला. हालांकि, सालों बाद इसे सेरेमोनियल होम में संग्रहित कर दिया गया. 



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