Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सांप जैसे जीव इंसान को अगर टीवी में दिख जाएं या फिर किसी जू के बंद पिंजड़े में, उन्हें देखकर डर एक समान ही लगता है. पर वही सांप जब ठीक आपके सामने आ जाए तो डर कई गुना बढ़ जाता है. अब सोचिए कि अगर वो सांप सामने की जगह आपके ऊपर ही गिर पड़े तो क्या होगा? हाल ही में मलेशिया (python fell on Malaysian household) के रहने वाले एक परिवार ने भी ऐसा ही किया जब उनके ऊपर एक दैत्य जैसा सांप गिर पड़ा!

डेली स्टार न्यूज वेबसाइट के अनुसार ये घटना रविवार 8 अक्टूबर की है. सरावाक के मिरी (Miri, Sarawak) में रात के करीब 11 बजे एक परिवार टीवी देख रहा था जब अचानक उनकी घर की छत टूटी और एक विशाल अजगर (Giant python fell from ceiling) उनके ऊपर आ गिरा. उसके गिरते ही परिवार की चीखें निकलने लगीं और उन्होंने तुरंत ही प्रशासन को फोन किया. मिरी पब्लिक डिफेंस फोर्स के 4 अधिकारियों को मौके पर भेजा गया जहां उन्हें एक डिब्बे के नीचे छुपा 8 किलो का 10 फीट लंबा अजगर देखने को मिला.

प्रशासन के 4 लोगों ने मिलकर अजगर को पकड़ा. (फोटो: APM MIRI/FACEBOOK)

काफी वक्त से घर की छत पर रह रहा था अजगर
करीब आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने उस सांप पर कब्जा किया और उसे अपने बस में ले लिया. बाद में प्रशासन ने उसे जंगल में भी छोड़ दिया. बॉर्नियो नेटवर्क के अनुसार माना जा रहा है कि अजगर पिछले काफी वक्त से घर की छत पर ही रह रहा था. परिवार को अजीबोगरीब आवाजें छत से सुनाई देती थीं पर वो उसे चूहे की आवाज समझकर इग्नोर कर देते थे.

रेटिक्यूलेटेड पायथन हुआ था बरामद
प्रशासन की ओर से दिए बयान में बताया गया कि परिवार की एक 32 साल की महिला ने सूचना दी कि छत से सांप गिरा है जो एक डिब्बे के नीचे छुपा हुआ है. आपको बता दें कि घर से जो अजगर मिला था उसका नाम रेटिक्यूलेटेड पायथन था जिसे सांप की सबसे बड़ी प्रजाति माना जाता है और तीन सबसे भारी सांपों में से वो एक है. डेली स्टार के मुताबिक जो अब तक का सबसे लंबा अजगर रिकॉर्ड किया गया है, उसकी लंबाई 32 फीट है. प्रशासन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अजगर आमतौर पर जंगलों में पाए जाते हैं और अपने शिकार की तलाश में रहते हैं. ये नदी या तालाब के किनारे हो सकते हैं. अन्य अजगरों की जगह इनके अंदर जहर नहीं होता है, ये दम घोंटकर शिकार की जान लेते हैं.

Tags: Ajab Gajab news, (*10*), Weird news



Source link