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प्रकृति ने हर जीव को कोई न कोई ऐसी खास पहचान दी है जिसके जरिए वो आसानी से पहचाना जा सकता है. किसी में उड़ने की शक्ति होती है, को छलावरण में माहिर होता है, किसी की दौड़ने की रफ्तार तेज होती है तो कोई जहर निकाल सकता है. इसी प्रकार कई जीव होते हैं जो छोटे तो होते हैं पर इतने तेज होते हैं कि उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है. खरगोश (Smallest rabbit on this planet) भी उन्हीं में से एक जीव है. अगर आपने कभी खरगोश को देखा होगा तो ये जरूर जानते होंगे कि उनका कद कितना बड़ा होता है, पर दुनिया में एक ऐसा भी खरगोश और जो आम खरगोशों से इतना छोटा होता है कि इंसान की हथेली में पूरा फिट हो जाता है.

खरगोश के विलुप्त होने के पीछे एक अमेरिकी पौधे का गायब होना भी कारण है. (फोटो: Facebook/Christophe Paquin)

जी हां, ऐसा भी एक खरगोश इस दुनिया में मौजूद है जिसे दुनिया का सबसे छोटा खरगोश (Smallest rabbit identify) माना जाता है. ऑडिटी सेंट्रल न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार कोलंबिया बेसिन पिगमी खरगोश (Columbia Basin Pigmy Rabbit) को दुनिया का सबसे छोटा खरगोश होने का दर्जा प्राप्त है. यही वजह है कि ये प्रजाति बेहद दुर्लभ भी मानी जाती है और दुनिया में सिर्फ एक खास जगह ही इसका ठिकाना है.

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बेहद छोटा होता है आकार
रिपोर्ट के अनुसार ये वॉशिंग्टन स्टेट एरिया के एक हिस्से में ही मिलते हैं. इनका वजन सिर्फ 500 ग्राम तक होता है, वहीं ये 23.5 सेंटीमीटर से लेकर 29.5 सेंटीमीटर तक होते हैं. इन्हें घरेलु खरगोश मानने की भूल मत करिएगा. जिन खरगोशों को लोग घर में पालते हैं, वो आमतौर पर छोटे और सौम्य होते हैं, पर ये जंगली प्रजाति है, इसलिए घरों में नहीं पाला जा सकता. ये काफी घबराए हुए से लगते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा उत्साहित लगने लगते हैं. पर इनसे ज्यादा बड़ी वजह है कि ये बेहद दुर्लभ और विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं, ऐसे में इन्हें पालतू बनाकर नहीं रखा जाता.

क्यों होने लगे विलुप्त?
इस ब्रीड को जंगलों से साल 2001 में ही विलुप्त घोषित कर दिया गया था पर उससे पहले ही करीब 14 खरगोशों को खास जगह पर ब्रीडिंग के लिए रख लिया गया था. वैज्ञानिकों को ये बात बाद में पता चली कि ये छोटी आबादी में इनब्रीडिंग नहीं करते, इन्हें बड़ी आबादी की जरूरत होती है. यही वजह है कि सबसे प्योर नर की मौत साल 2006 में हो गई थी और सबसे प्योर ब्रीडिंग के बाद बचे नर की मौत साल 2008 में हो गई थी. उनके साथ इस ब्रीड का प्योर डीएनए तो नष्ट हो चुका है पर वैज्ञानिक क्रॉस ब्रीडिंग कर इन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश में लगे रहते हैं. ये सेजब्रश पौधों को खाते हैं जो नॉर्थ अमेरिका में पाए जाते हैं, पर जंगल कटने और जंगल की आग में नष्ट होने के बाद जब पौधे नहीं बचे, तो इनकी भी आबादी कम होने लगी.

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