18 साल के लड़के ने बनाई ‘ई-साइकिल’ जो है ‘थेफ्ट प्रूफ’, जिसे चोरी करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन
18 साल के लड़के ने बनाई ‘ई-साइकिल’ जो है ‘थेफ्ट प्रूफ’, जिसे चोरी करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन


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साइकिल. किसी के बचपन की सबसे गहरी दोस्त तो किसी की आजीविका का साधन. किसी के हेल्थ के लिए डॉक्टर की एडवाइस तो किसी के लिए मंजिल पर समय पर पहुंचाने का साथी. साइकिल की कहानी सबके हिस्से की है. हां, कुछ के हिस्से साइकिल चोरी या गुम होने की भी कहानी आती है. इन सबके बीच 18 साल के लड़के ने एक ई-साइकिल बना दी है. यह ‘थेफ्ट प्रूफ’ है. मतलब चोरी नहीं हो सकती है. उनका दावा है कि इस साइकिल को चोरी करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.

शख्स असम के करीमनगर जिले में असम राइफल्स की आईटीआई का स्टूडेंट सम्राट नाथ है. इस ई-साइकिल की खास बात ये है कि इसे चोरी करने की कोशिश करने पर मोबाइल पर तुरंत अलार्म बज जाता है. इसके साथ ही चोरी हो जाने पर भी इसकी लोकेशन का आसानी से पता लगाया जा सकता है. ये 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है. इसे एक बार चार्ज करके 60 किमी तक चलाया जा सकता है. खास बात ये है कि सम्राट नाथ ने अपने खर्चों और मोबाइल रिपेयरिंग करके कमाए पैसों को जोड़कर इस बाइक को डिजाइन किया है.

‘ई-साइकिल’ बनाना बचपन का सपना था.

न्यूज़ 18 से बात करते हुए सम्राट ने कहा कि जब वह 8वीं क्लास में थे तो उनके घर की साइकिल चोरी हो गई. इसके बाद से ही उनकी ख्वाहिश थी कि ऐसी साइकिल बनाएं जो चोरी न हो सके. ये आइडिया उन्हें 2016 में आया. फिर उन्होंने सोचा कि इंडिया इतना डेवलप हो चुका है कि लगभग हर आदमी के पास स्मार्टफोन हैं. तो क्यों न बाइक को स्मार्टफोन से कनेक्ट करूं और उसे स्मार्टफोन से कंट्रोल कर पाऊं तो बहुत अच्छा होगा.

सम्राट नाथ की उम्र 18 साल है. वो कहते हैं, “मैं मिडिल क्लास फैमिली से हूं. मेरे पिताजी की एक छोटी किराना दुकान है जिससे हमारा गुजारा चलता है. जिसके चलते पिताजी से तो पैसे नहीं ले सकता था. क्योंकि फैमिली की कंडीशन पैसे देने लायक नहीं थी. मैंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है. मुझे टिफिन के लिए जब मम्मी पैसे दिया करती थीं उन्हें मैं जोड़ता था और उसके बाद फ्री टाइम में मोबाइल रिपेयर करके भी पैसे कमाता था. अब मैं मोबाइल रिपेयरिंग से लगभग 3 हजार रुपये तक कमा लेता हूं. इस तरह पैसे जोड़कर मैंने लगभग 30 हजार रुपये की लागत से ये ई-साइकिल बनाई है.”

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सम्राट नाथ असम राइफल्स के आईटीआई में पढ़ रहे हैं.

ऐसे बना दी ई-साइकिल

वो कहते हैं कि मैंने शुरुआत में जब सोचा कि इसे मोबाइल से जोड़ा जाए जिसके लिए मैंने कोडिंग सीखी. जब मैं कोडिंग सीख गया तब मैंने एक ऐप डेवलप किया जिसकी मदद से मैं ई-साइकिल को कंट्रोल कर सकूं. मैंने इस ई-साइकिल में एक और डिवाइस लगाया है जिसे किसी भी दूसरी इलेक्ट्रिक बाइक में लगाया जा सकता है. जिसे मैंने ऐप से कनेक्ट किया है. इसकी मदद से मैं दुनिया के किसी भी कोने से जहां इंटरनेट हो कंट्रोल कर सकता हूं और उसकी लोकेशन का पता लगा सकता हूं. इसे ऑन ऑफ कर सकता हूं.

ई-साइकिल में हैं ये खूबियां 

सम्राट नाथ द्वारा बनाई गई इस ई-साइकिल की खास बात ये है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है. वो कहते हैं कि पेट्रोल की कीमत बहुत ज्यादा है जिसके इस्तेमाल से बचने के लिए इसमें उन्होंने इस्तेमाल किए गए लैपटॉप की लिथियम आयन बैटरी से ई-साइकिल बनाई है. यह एक बार चार्ज करने पर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 60 किलोमीटर तक दौड़ सकती है. इसे चार्ज करने में सिर्फ दो घंटे का समय लगता है. वो कहते हैं कि चोरों से बचाने के लिए उन्होंने इसमें कई सिस्टम लगाए हैं. जैसे इसका लॉक खोलने की कोशिश करने पर अलार्म बज जाएगा. साथ ही फोन पर अलर्ट मैसेज भी पहुंच जाएगा. इसमें उन्होंने एक फिंगरप्रिंट सिस्टम इंस्टॉल किया है. यानी इस ई-साइकिल में जिस भी व्यक्ति के फिंगर प्रिंट अपडेट होंगे वही इसे चला सकता है. इसमें लगा जीपीएस इसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद करता है, जिससे इसके गुम जाने पर इसका आसानी से पता लगाया जा सकता है. इसके बाद इसे ऑन-ऑफ करने के लिए भी उन्होंने एक डिवाइस लगाया है जिसे ऐप से कनेक्ट किया है. इसमें लगे स्पीकर की मदद से गाने भी सुन सकते हैं. वो कहते हैं कि आजकल लोग गाड़ी चलाते समय हेलमेट का उपयोग बहुत कम करते हैं जिससे लोगों की सुरक्षा में कमी आती है. उन्होंने सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए उसमें ऐसा फीचर सेट किया है जिससे बिना हेलमेट पहने बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी. इसलिए इससे राइड करने से पहले हेलमेट पहनना जरूरी होगा.

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इस ई-साइकिल में कई सिक्योरिटी फीचर लगाए गए हैं.

सम्राट ने बनाईं हैं और भी चीजें 

सम्राट ने ई-साइकिल तो बना दी है और भी ई-साइकिल बना रहे हैं. वो कहते हैं कि हमारे गांव में बारिश के मौसम में बाढ़ आ जाती है. घरों में पानी भर जाता है. यदि रात में सोते वक्त ऐसा होता है तो हमें इसकी खबर नहीं लगती. और जमीन पर रखा हुआ सामान भी पानी में खराब हो जाता है. जिसके चलते मैंने कुछ दिनों पहले ही एक फ्लड अलर्ट डिवाइस बनाई है. जिससे पानी टच होते ही उसमें से आवाज आने लगती है. जिससे आप अलर्ट हो सकते हैं. इसमें उन्होंने कोडिंग करके एक चिप एड की है जिससे कि जैसे ही डिवाइस से पानी टच होता है वह वॉइस कमांड देती है कि आपके घर में पानी घुस रहा है. इसके अलावा भी उन्होंने कई डिवाइस बनाए हैं. जैसे कि घर में चोरी होने से बचाने के लिए सिक्योरिटी अलर्ट डिवाइस, सेल्फ सिक्योरिटी डिवाइस और भी कुछ न कुछ प्रयोग करते रहते हैं.

नए प्रोजेक्टस पर कर रहे हैं काम 

सम्राट ने हायर सेकेंडरी तक रामकृष्ण नगर विद्यापीठ से पढ़ाई की है. फिलहाल वो असम राइफल्स के आईटीआई में पढ़ रहे हैं. अभी आईटीआई में उनका फर्स्ट ईयर चल रहा है. उन्होंने इस ई-साइकिल को बनाने के लिए कोडिंग सीखी थी. वो कहते हैं, “ई-बाइक बनाना मेरा बचपन का सपना था. मेरा सपना सच हो गया और मैं कोडिंग सीखने के बाद इसे चार साल में पूरा कर सका.” नए-नए इनोवेशन करने का उन्हें बहुत शौक है. वह अब नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनके इस काम से उनका परिवार भी बेहद खुश है.



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