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बिना पैंट के आपको कोई ट्रेन में दिखे तो कैसा लगेगा. मगर लंदन में रव‍िवार को यह अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला. बिना पैंट के ही लड़के-लड़कियां ट्रेन में चढ़ गए . पोज मारकर फोटो खिंचवाने लगे. सिर्फ लंदन में ही नहीं दुनिया के 60 देशों में यह देखने को मिला. दरअसल इंप्रूव एवरीव्हेयर संस्‍था ने नो पैंट्स राइड मनाया. आइए जानते हैं क्‍या है इसकी वजह.

लंदन में बिना ट्राउजर पहने लड़के-लड़कियां सबसे यानी मेट्रो स्‍टेशन पहुंच गए.(Photo-Twitter-@ROBZIK)

बाकी कपड़े पहने पर ट्राउजर नहीं 
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दिख रहा क‍ि बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष बिना पैंट पहने सबवे और ट्यूब (Sbway Trains ) में सवार नजर आ रहे हैं. इन लोगों बाकी कपड़े और जूते तो रोज की तरह ही पहन रखे हैं, लेकिन ट्राउजर नहीं पहनी है. तस्वीरों में लोगों को लापरवाही से मेट्रो ट्रेनों की सवारी करते हुए और धीरे-धीरे अपनी पतलून उतारते हुए दिखाया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें हिस्सा लेने वालों को ऐसा जाहिर करना होता है, मानों वह अपनी ट्राउजर घर भूलकर आ गए हों. सोशल मीडिया ‘ नो ट्राउजर्स डे’ (No Trousers Tube Ride) की तस्वीरों से भरा पड़ा है. इंग्लैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रिया, चेक रिपब्लिक, जर्मनी समेत 60 देशों में इसे सेलिब्रेट किया गया.

यूजर की जबरदस्‍त प्रत‍ि‍क्रिया
तस्‍वीरों और वीडियो को देखकर लोगों की तरह तरह की प्रतिक्रिया आ रही है. एक यूजर ने लिखा, आज मुझे बर्लिन के दिन याद आ गए जब मैंने पहली बार ऐसा कुछ देखा था. कड़ाके की ठंड में लोगों का झुंड केवल अंडरवियर पहने हुए ट्रेन में सवार हो रहा था. एक यूजर लिखा कि मुझे पता है कि कोरोना के वक्त लोगों ने हाफपैंट और अंडरवियर पहनकर जूम कॉल्स अटेंड कीं. लेकिन मुझे नहीं पता था कि न्यू नॉर्मल में ऐसा कुछ होगा. एक अन्य यूजर ने लिखा कि मुझे आज पता चला कि नो ट्राउजर्स डे जैसा भी कुछ होता है.

20 साल पहले शुरुआत 
बीस साल पहले इस मुह‍िम की शुरुआत हुई थी. 2002 में न्यूयॉर्क के सात युवाओं के एक मजाक से इसका आइडिया आया था. ये युवा पूरे दिन ट्रेन में बिना पैंट्स के घूमते रहे, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें अपमानजनक कहते हुए गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, जल्दी ही उन्हें छोड़ दिया गया, मगर उसके बाद से हर साल लोगों ने इसमें भाग लेना शुरू कर दिया. इंप्रूव एवरीव्हेयर का कहना है कि ये सिर्फ लोगों के चेहरे पर स्माइल लाने के लिए मनाया जाता है.

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